Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #2226

ध्यान · Meditation

हद में रहैं सो मानवी, बेहद रहै सो साध। हद बेहद दोनों तजैं, तिनका मता अगाध।।