Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #2239

करुणा · Compassion

सकल बरन एकत्र ह्व, शक्ति पजि मिलि खाहि। हरि दासन की भ्रांति करि, केवल जमपुर जाहिं।।