Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #227

भक्ति · Devotion

मैं जाण्यूँ पाढ़िबो भलो, पाढ़िबा थे भलो जोग। राम-नाम सूं प्रीती करि, भल भल नींयो लोग।।