Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #229

भक्ति · Devotion

जैसी मुख तै नीकसै, तैसी चाले चाल। पार ब्रह्म नेड़ा रहै, पल में करै निहाल।।