Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #232

कर्म · Action

साईं सेती चोरियाँ, चोरा सेती गुझ। जाणैंगा रे जीवएगा, मार पड़ैगी तुझ।।