Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #233

सत्य · Truth

तीरथ तो सब बेलड़ी, सब जग मेल्या छाय। कबीर मूल निकंदिया, कौण हलाहल खाय।।