Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #245

भक्ति · Devotion

सरगुन की सेवा करो, निरगुन का करो ज्ञान। निरगुन सरगुन के परे, तहीं हमारा ध्यान।।