Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #249

भक्ति · Devotion

प्रीतम के पतियाँ लिखूँ, जो कहुँ होय बिदेस। तन में मन में नैन में, ताको कहा सँदेस।।