Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #276

भक्ति · Devotion

कबीर संसा कोउ नहीं, हरि सूं लाग्गा हेत। काम-क्रोध सूं झूझणा, चौडै मांड्या खेत।।