Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #280

सत्य · Truth

जेते तारे रैणि के, तेतै बैरी मुझ। धड़ सूली सिर कंगुरै, तऊ न बिसारौ तुझ।।