Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
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Kabir Amritwani
कबीर दोहा #292
माया · Illusion
हीरा परा बजार में, रहा छार लपिटाइ। ब तक मूरख चलि गये, पारखि लिया उठाइ।।
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