Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #299

भक्ति · Devotion

गुरु शरणागति छाड़ि के, करै भरौसा और। सुख सम्पति की कह चली, नहीं परक ये ठौर।।