Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #300

ध्यान · Meditation

सिष खांडा गुरु भसकला, चढ़ै शब्द खरसान। शब्द सहै सम्मुख रहै, निपजै शीष सुजान।।