Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #307

गुरु · Guru

लौ लागी विष भागिया, कालख डारी धोय। कहैं कबीर गुरु साबुन सों, कोई इक ऊजल होय।।