Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #310

सत्य · Truth

सत्गुरु तो सतभाव है, जो अस भेद बताय। धन्य शीष धन भाग तिहि, जो ऐसी सुधि पाय।।