Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #312

भक्ति · Devotion

मनहिं दिया निज सब दिया, मन से संग शरीर। अब देवे को क्या रहा, यों कयि कहहिं कबीर।।