Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #315

गुरु · Guru

बिन सतगुरु उपदेश, सुर नर मुनि नहिं निस्तरे। ब्रह्मा-विष्णु, महेश और सकल जिव को गिनै।।