Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #316
माया · Illusion
डूबा औघट न तरै, मोहिं अंदेशा होय। लोभ नदी की धार में, कहा पड़ो नर सोइ।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp