Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #345

माया · Illusion

संगत सोई बिगुर्चई, जो है साकट साथ। कंचन कटोरा छाड़ि के, सनहक लीन्ही हाथ।।