Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #35

ज्ञान · Wisdom

साधु गाँठि न बाँधई, उदर समाता लेय। आगे-पीछे हरि खड़े, जब भोगे तब देय।।