Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #355

भक्ति · Devotion

छठे मास नहिं करि सके, बरस दिना करि लेय। कहैं कबीर सो भक्तजन, जमहिं चुनौती देय।।