Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #410

ज्ञान · Wisdom

माँगन गै सो भर रहै, भरे जु माँगन जाहिं। तिनते पहिले वे मरे, होत करत है नाहिं।।