Kabir Amritwani
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Kabir Amritwani
कबीर दोहा #412
प्रेम · Love
अनमाँगा उत्तम कहा, मध्यम माँगि जो लेय। कहैं कबीर निकृष्टि सो, पर धर धरना देय।।
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