Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #413

ज्ञान · Wisdom

अनमाँगा तो अति भला, माँगि लिया नहिं दोष। उदर समाता माँगि ले, निश्च्य पावै योष।।