Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #422
अहंकार · Ego
मूरख को समुझावते, ज्ञान गाँठि का जाय। कोयला होय न ऊजला, सौ मन साबुन लाय।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp