Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #432
गुरु · Guru
मैं सोचों हित जानिके, कठिन भयो है काठ। ओछी संगत नीच की, सरि पर पाड़ी बाट।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp