Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #456

गुरु · Guru

ऊँचा मन्दिर मेड़िया, चला कली ढुलाय। एकहिं गुरु के नाम बिन, जदि तदि परलय जाय।।