Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #466

मृत्यु · Mortality

कबीर काया पाहुनी, हंस बटाऊ माहिं। ना जानूं कब जायगा, मोहि भरोसा नाहिं।।