Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #470

मृत्यु · Mortality

कुशल-कुशल जो पूछता, जग में रहा न कोय। जरा मुई न भय मुवा, कुशल कहाँ ते होय।।