Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #50

अहंकार · Ego

माया तजी तौ क्या भया, मानि तजि नही जाइ। मानि बड़े मुनियर मिले, मानि सबनि को खाइ॥