Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #515

गुरु · Guru

पंडित पढि़ गुनि पचि मुये, गुरु बिन मिले न ज्ञान। ज्ञान बिना नहिं मुक्ति है, सत्त सब्‍द परमान।।