Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #549
गुरु · Guru
गुरु लोभी शिष लालची, दोनों खेले दांव। दोनों बूड़े बापुरे, चढ़ि पाथर की नांव।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp