Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #550

गुरु · Guru

सो गुरु निसदिन बन्दिये, जासों पाया राम। नाम बिना घट अंध है, ज्‍यो दीपक बिन धाम।।