Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #597
माया · Illusion
मात पिता सुत स्त्री, आलस बन्धु कानि। साधु दरश को जब चलै, ये अटकावै आनि।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp