Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #600

ज्ञान · Wisdom

साधु भूखा भाव का, धन का भूखा नाहिं। धन का भूखा जो फिरै, सो तो साधु नाहिं।।