Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #61

कर्म · Action

मांस मछलिया खात हैं, सुरापान सों हेत। ते नर नरकै जांहिंगे, ज्‍यों मूरी का खेत।।