Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #612

गुरु · Guru

हरि दरबारी साधु हैं, इन ते सब कुछ होय। बेगि मिलावें राम को, इन्‍हें मिले जु कोय।।