Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #644

भक्ति · Devotion

साधु तो हीरा भया, न फूटै घन खाय। न वह बिनसै कुम्‍भ ज्‍यों, ना वह आवै जाय।।