Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #662
वैराग्य · Detachment
बैरागी बिरकत भला, गिरही चित्त उदार। दोऊ चूकि खाली पड़े, ताको वार न पार।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp