Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #682

गुरु · Guru

कबीर कलह अरु कल्‍पना, सत्‍संगति से जाय। दुख वासो भागा फिरै, सुख में रहै समाय।।