Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #690

ज्ञान · Wisdom

शीलवन्‍त सुर ज्ञान मत, अति उदार चित्त होय। लज्‍जावान अति निछलता, कोमल हिरदा सोय।।