Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #700

ज्ञान · Wisdom

सेवक सेवा में रहै, सेवक कहिये सोय। कहैं कबीर सेवा बिना, सेवक कभी न होय।।