Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #713

भक्ति · Devotion

दासातन हिरदै बसै, साधुन सों आधीन। कहैं कबीर सो दास है, प्रेम भक्ति लवलीन।।