Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #716

गुरु · Guru

गुरु समरथ सिर पर खड़े, कहा कमी तोहि दास। रिद्धि-सिद्धि सेवा करैं, मुक्ति न छाड़े पास।।