Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #721

गुरु · Guru

तिमिर गया रवि देखते, कुमति गयी गुरु ज्ञान। सुमति गयी अति लोभते, भक्ति गयी अभिमान।।