Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #796

भक्ति · Devotion

राम जपत कुष्‍टी भला, चुइ चुइ पैर जु चाम। कंचन देह किस काम की, जो मुख नाहिं राम।।