Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #814

भक्ति · Devotion

सुमिरन तू घट में करै, घट ही में करतार। घट ही भीतर पाइये, सुरति शब्‍द भण्‍डार।।