Kabir AmritwaniKabir Ke Dohe

Kabir Amritwani

कबीर दोहा #9

भक्ति · Devotion

जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि है मैं नाहिं। सब अँधियारा मिट गया, दीपक देखा माहिं॥