Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
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Kabir Amritwani
कबीर दोहा #90
कर्म · Action
मैं रोऊँ जब जगत को, मोको रोवे न होय। मोको रोबे सोचना, जो शब्द बोय की होय।।
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