Kabir Amritwani
Kabir Ke Dohe
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
आज का दोहा
प्रीमियम
लॉग इन / रजिस्टर
Kabir Amritwani
कबीर दोहा #902
आत्मचिंतन · Self-reflection
मेरा संगी कोय नहिं, सबै स्वारथी लोय। मन परतीति न ऊपजै, जिय विस्वास न होय।।
कॉपी
शेयर
WhatsApp